यहां खुदाई के दौरान मिला कई हजारों साल पुराना कं-डोम जिसे देखते ही खुद की आंखों पर नहीं होगा यकीन

आज लोग चाहें कितने भी मॉर्डन  हो गए हो. लेकिन गर्भनिरोधक, कंडोम, व संभोग से संबंधित बातों को लोगों के बीच में कहने से पहले काफी हिचकिचाते हैं,यदि कोई इन चीजों की दुकान से भी खरीदना चाहता है तो इसे खरीदने से पहले दस बार सोचते हैं, लेकिन इसके बारे में जानकर थोड़ी हैरानी होगी कि कंडोम का इतिहास आज का नहीं बल्कि सदियों पुराना है. बताया जाता है पहले समय में भी लोग इसका इस्तेमाल  यौन संक्रमण  से बचने के लिए किया जाता हैं.

SOURCE-patrika

 

 

जानकारी के मुताबिक कंडोम 1940 दशक से ही भारत मौजूद है,  एक जनगणना के अनुसार 1968 तक भारत मैें केवल दस लाख कंडोम की उपलब्ध थे परंतु भारत की जनसंख्या  47 मिलियन थी. उस समय लोगों की आय भी बेहद  ही कम थी जिस कारण से लोग इसे खरीद नहीं पाते थे.

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साल 1968 के दौरान  अमरीका व जापान और कोरिया नें 400 मिलियन कंडोम का आयात कराया,जिसमें तीनें कंडोम प्रति पैकेट में उपलब्ध थे.इसके बाद 19 वी शताब्दी में लोग रबड़ के बने हुए कंडोम का प्रयोग करने लगे,फिर आई 20 वीं शताब्दी जिसमें गर्भनिरोधक गोलियां भी बाजार में मिलना शुरू हो गई. लेकिन आज भी यौन संक्रमण व  जन्म नियंत्रण से बचने के लिए कंडोम का प्रयोग किया जाता है.

पुरातत्व विभाग के अनुसार एक खुदाई में  कई हजारों साल पुराना कंडोम मिला है जो कि डडली कैसल के मैदानों में स्थित एक सेसपिट में एक खुदाई में मिला है.कहा जाता है 1642 के समय में जानवरों की झिल्ली से कंडोम का निर्माण किया जाता था.

 

 

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