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चिड़ियाघर में चीते से भीड़ गयी महिला कि तभी दूसरे चीते ने आकर किया कुछ ऐसा जिसे देख…

कहते हैं ना एक माँ की ममता का ना कोई हिसाब होता है ना ही कोई इस बात का आंकलन कर सकता है कि एक माँ अपने बच्चों के लिए किस हद तक जा सकती है. ऐसा ही एक वाकये के बारे में हम आपको आज बताने जा रहे हैं. दरअसल मामला है दक्षिण अफ्रीका के एबर्डीन की एक महिला का जिनका नाम वॉयलेट डी मेलो है. बताया जा रहा है कि वॉयलेट एक बार अपने बच्चों के साथ पोर्ट एलिजाबेथ के क्रैगा कामा गेम पार्क में छुट्टियाँ मनाने गयी हुईं थीं, लेकिन वहां उनके परिवार के साथ एक ऐसा हादसा घट गया जिसे वो चाह कर भी नहीं भूल सकतीं.

अचानक ही हिंसक हो उठे पार्क के ‘पालतू बाघ’ (image source)

60 साल की महिला और उसके सामने थे दो खूंखार चीते 

हम भी अगर चिड़ियाघर जैसी जगहों पर जाते हैं तो ऐसा हमारे साथ भी होता है ना कि हम हर जानवर के साथ सेल्फी लेने की होड़ में लग जाते हैं. फिर सामने बाघ हो, या शेर, घड़ियाल हो या चिम्पांजी. जानवरों के साथ फोटो लेने में कई बार हम सावधानी बरतना भूल जाते हैं और यहीं सारी गड़बड़ शुरू हो जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ वॉयलेट के साथ भी. जिस वक़्त वो और उनके बच्चे चिड़ियाघर में पहुंचे वैसे ही उन्हें वहां चीते नज़र आये. बच्चे ख़ुशी में चीते के बाड़े में जा घुसे.

शांत बैठे बाघ ने बच्ची पर किया हमला जिसे बचाने गयी थीं वॉयलेट (image source)

एक खूंखार चीता मेरे सिर के ऊपर था…

पार्क के मेनेजर ने ये बताया कि इस चिड़ियाघर में मौजूद चीते पालतू हैं. उन्हें हमने खुद पाला-पोसा है. वो चीते दिखने में भी शांत नज़र आ रहे थे. ऐसे में बच्चे ख़ुशी-ख़ुशी बाड़े के अंदर चले गए, लेकिन जैसे ही बच्चे बाड़े में गए ना जाने चीतों को क्या हुआ और वो अचानक से हिंसक हो गए. किसी को कुछ समझ आता उससे पहले ही एक चीते ने छोटी बच्ची पर हमला कर दिया. ये देख वॉयलेट बिना कुछ सोचे समझे बच्ची को बचाने के लिए दौड़ पड़ीं.

एक बाघ ने सिर पर किया हमला (image source)

इस हमले का ज़िक्र करते हुए वॉयलेट ने बताया कि…

“ये सब बहुत जल्दी हुआ. हमें कुछ समझ भी नहीं आया. चीते पहले तो बहुत शांत नज़र आ रहे थे लेकिन एकाएक वो उत्तेजित हो गए. मेरे पास बच्ची को बचाने के लिए समय कम था. मैंने जैसे-तैसे बच्ची को बचाया तबतक मेरा बेटा भागकर बच्ची को बचाने आने लगा. मैं इससे पहले कुछ समझ पाती तबतक मुझे अहसास हुआ कि किसी ने पीछे से मेरे सिर पर हमला कर दिया है.”

इतना कुछ हुआ तबतक एक गार्ड भागता हुआ आया और किसी तरह से अपने ‘पालतू बाघ’ को उसने वहां से भगाया. लोगों को लगा कि चलो अब तो बला टल गयी कि तभी वॉयलेट पर दूसरे बाघ ने हमला कर दिया.

एक बाघ को जैसे-तैसे हटाया तो दूसरे बाघ ने मोर्चा संभाल लिया (image source)

“मुझे आवाज़ आई मरने का नाटक करो”

एक बाघ को हटाया गया तो वॉयलेट को भी थोड़ा सुकून महसूस हुआ लेकिन ये क्या तभी दूसरे बाघ ने उनपर हमला बोल दिया. अपने भी महसूस किया होगा कि जब हमारे साथ कोई ऐसी घटना होती है तो हमारी सोचने समझने की शक्ति चली जाती है, लेकिन वॉयलेट के साथ भगवान की कृपा से ऐसा नहीं हुआ. जैसे ही दूसरे बाघ ने उनपर हमला किया उनको अन्दर से आवाज़ आई कि “मरने का नाटक करो वॉयलेट, बाघ कभी भी मृत जानवर/इंसान को अपना शिकार नहीं बनाते हैं.

हालाँकि तबतक महिला लहूलुहान हो चुकी थी (image source)

ऐसे में वॉयलेट सांस रोककर मुर्दा लाश की तरह लेट गयीं. वॉयलेट की इसी समझदारी की वजह से आखिरकार उन्हें बचाया जा सका. जैसे ही बाघ वॉयलेट को मृत समझकर छोड़ गए वैसे ही फुर्ती से लोगों  ने आकर वॉयलेट को बचा लिया. वॉयलेट जिंदा तो बच गयीं लेकिन उन्हें कई गंभीर चोटें आई हैं.

इस हमले में महिला को आयीं हैं गंभीर चोटें (image source)
आँखों में आई है गंभीर चोटें (image source)

वॉयलेट के पति आर्ची ने कहा, “भाग्यशाली हैं वॉयलेट”

जिस वक़्त बाड़े में वॉयलेट बाघों ने लड़ रहीं थीं उस वक़्त पार्क स्टाफ के साथ उनके पति बाहर ही खड़े थे. वो बस कामना कर रहे थे कि कुछ चमत्कारी हो जाये और उनकी पत्नी बच्चे सकुशल बच जायें. इस हमले का ज़िक्र करते हुए आर्ची ने बताया कि, “वॉयलेट को काफी चोटें तो आयीं हैं लेकिन उनकी सबसे बड़ी चोट बायीं आँख में आई है. वहां बाघ ने अपने पंजे गड़ा दिए थे. हालाँकि मैं मानता हूँ कि वॉयलेट काफी भाग्यशाली हैं जो वो ऐसी जगह से बच कर आ गयी हैं.”

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